जॉन इब्राहिम की फ़िल्म पर हो सकता है केस दर्ज ?

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सिकंदर शैख़ ,जैसलमेर ।  “परमाणु-द स्टोरी ऑफ पोकरण” फिल्म के पोस्टर पर दिखाए नक्शे से शक्तिस्थल खेतोलाई को ही किया गायब ।शक्तिस्थल परमाणु परीक्षण पर बन रही फिल्म “परमाणु – द स्टोरी ऑफ पोकरण का पहला पोस्टर बाजार में आ गया है। पोस्टर में परमाणु टेस्ट पोईंट के साथ साथ पश्चिमी भारत का कुछ हिस्सा नक्शे में दिखाया हैं। पर सबसे आश्चर्य की बात है कि शक्तिस्थल खेतोलाई जहाँ परमाणु परीक्षण किया गया उसका नाम फिल्म के पोस्टर पर दिखाएँ गए नक्शे में कहीं नजर नहीं आया।

और सूत्रों की मानें तो पूरी फिल्म में शक्तिस्थल खेतोलाई का कहीं जिक्र नहीं हैं। शक्तिस्थल खेतोलाई इस परमाणु परीक्षण से काफी प्रभावित हुआ था और कहते हैं कि इस प्रभाव से क्षेत्र में कैंसर सहित कई तरह की बीमारियाँ , फसलों का नुकसान , घर मकानों में दरारें , जहरीली विशुद्ध हवा से पशुओं और जानवरों की मृत्यु सहित क्षेत्र के लोगों ने कई तरह के नुकसान उठाए हैं।

परमाणु परीक्षण का मुख्य बिंदु खेतोलाई ही था इसलिए उसका नाम शक्तिस्थल से भी जाना जाने लगा। खेतोलाई के अलावा सबसे नजदीकी गांव चाचा , ओढ़ानिया , गोमट , लोहारकी और रामदेवरा भी इस परीक्षण से काफी प्रभावित हुआ था। इन सभी गांवों को नक्शे से गायब कर दिया है। शक्तिस्थल को नजरअंदाज करना अपमानजनक हैं ।

जिससे क्षेत्र के लोगों में काफी रोष हैं। शक्तिस्थल के युवा नेता मंठार अली मेहर ने बताया कि परमाणु परीक्षण पर बन रही फिल्म में शक्तिस्थल को नजरअंदाज करना आश्चर्यजनक हैं और यह निर्देशक और फिल्म निर्माताओं की सबसे बड़ी गलती हैं जिसके खिलाफ हम एक टीम बनाकर कानून का सहारा लेकर कारवाई करेंगे और शक्तिस्थल को नजरअंदाज करने का विरोध करेंगे।

सक्रिय नेता रामप्रताप बिश्नोई फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं से इस संबंध में बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं मंठार अली मेहर ने बताया कि अगर इस संबंध में बहुत जल्द फिल्म की टीम द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं आया तो शक्तिस्थल की दस सदस्य टीम कानून के सहारे मुकदमा दर्ज करवाएगी।

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