दीक्षाभूमि और ड्रेगन पैलेस का नाम नागपुर के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की लिस्ट से हटाया गया

महाराष्ट्र सरकार ने दीक्षाभूमि को दे रखा है क्लास “ए” पर्यटन स्थल का दर्जा

दीक्षाभूमि, नागपुर

नागपुर (JT NEWS TEAM) 11अक्टूबर – नागपुर की दीक्षाभूमि, जहां पर लाखों लोग आकर बाबासाहेब अम्बेडकर की धम्म क्रांति को नमन करते हैं और जिनकी प्रेरणा से लाखों लोगों की जिंदगी में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। उस दीक्षाभूमि से नागपुर के कलेक्टर साहब को कोई लेना देना नहीं है। उनकी संकीर्ण सोच ने साफ कर दिया है कि जो संघ को पसंद होगा वही करेंगे।

गौरतलब है महाराष्ट्र सरकार ने दीक्षाभूमि को क्लास “ए” पर्यटन स्थल का दर्जा दे रखा है । नागपुर शहर के सभी धार्मिक व पर्यटन क्षेत्रों में यह पहला स्थल है जहां इसे ‘ए’ क्लास का दर्जा हासिल हुआ है। दीक्षाभूमि और ड्रेगन पैलेस जैसे ऐतिहासिक जगहों का नाम सरकारी वेबसाइट पर न होने से यह समझा जा सकता है कि बौद्ध धर्म को मानने वाले और बाबासाहेब अम्बेडकर को चाहने वालों के लिए नागपुर प्रशासन के दिल में कोई जगह नहीं है ।

ड्रेगन पैलेस, नागपुर

दरअसल हमने पाया कि, नागपुर कलेक्टर की अधिकृत बेबसाइट http://www.nagpur.nic.in पर जिन ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का ब्योरा दिया गया है, उसमें दीक्षाभूमि और ड्रेगन पैलेस जैसे विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक जगहों का नाम नदारद है । नागपुर जिले की सरकारी वेबसाइट के जरिए कलेक्टर साहब ने नागपुर आये लोगों से गुजारिश की है कि अगर घूमना हो तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, रेशिमबाग (संघ मुख्यालय) घूम कर आएं यहां के सुन्दर बगीचे, तालाब आदि को देखिए। वेबसाइट ने दीक्षाभूमि और ड्रेगन पैलेस के नाम तक का कोई जिक्र नहीं किया है । यदि यह कदम जानबूझ कर उठाया गया है तो नागपुर के प्रशासनिक अधिकारी, स्वयं को अम्बेडकर और बौद्ध विरोधी दिखाकर, किसको क्या साबित करना चाहते है यह सोचने वाली बात है! लेकिन यदि यह गलती से हुआ है तो गलती मानकर उसे दुरस्त करने का काम करना चाहिए क्यूंकि दोनों स्थलों से बाबासाहेब डा. अम्बेडकर की विचारधारा और बौद्ध धर्म से जुड़े लोगो की भावनाएं जुडी हुई है ।

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